Uttar Pradesh Ki Rajdhani Kahan Hai

दोस्तों इस लेख में आप जानेंगे की उत्तर प्रदेश की राजधानी कहाँ है (Uttar Pradesh Ki Rajdhani Kahan Hai) इसके अलावा आप उत्तर प्रदेश की पूरी भौगोलिक स्तिथि के बारे में भी जानेंगे। यहाँ कौन कौन से पर्यटन स्थल है इसके बारे में भी चर्चा करेंगे। इसलिए आप इस पोस्ट को पुरे विस्तार से पढियेगा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी क्या है? 

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) है। जनसँख्या की दृष्टि से अगर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश का निर्माण सन 1950 को हुआ था। इस राज्य की कुल जनसँख्या लगभग 23.49 करोड़ है। उत्तर प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 75 है जो अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को नवाबो का शहर बोला जाता है। कानपूर के पश्चात लखनऊ ही सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है। वैसे उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से भोजपुरी बोली जाती है लेकिन इसके साथ ही हिंदी और उर्दू की भाषाएँ भी बोली जाती है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी की क्षेत्रफल एवं जनसंख्या

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का पूरा क्षेत्रफल लगभग 631 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसकी समुद्र तल से उचाई लगभग 130 मीटर है। 2011 की जनसँख्या गड़ना के अनुसार उत्तर प्रदेश की शहर की पूरी जनसँख्या लगभग 2817105 और महानगर क्षेत्र की जनसँख्या लगभग 2901474 थी। 2011 की जनगड़ना के अनुसार उत्तर प्रदेश की साक्षरता दर लगभग 69.72 थी।

धार्मिक दृष्टिकोड से देखा जाये तो उत्तर प्रदेश में हिन्दुओ की कुल जनसँख्या 77 % है जबकि मुस्लिमो की जनसँख्या 22 % है। शेष  जनसँख्या में यहाँ सिख, जैन, ईसाई और बौद्ध आते है। वर्तमान में उत्तरप्रदेश में पुरुषो की साक्षरता दर 89 % है जबकि महिलाओ की साक्षरता दर 78 % है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी (Lucknow) की भूगोल एवं जलवायु

लखनऊ शहर विशाल गांगेय मैदान के ह्रदय क्षेत्र में बसा हुआ है। लखनऊ शहर बहुत से ग्रामीण क्षेत्रों और बड़े बड़े गावो , कस्बो से चारो तरफ से घिरा हुआ है। उदहारण के लिए ऐतिहासिक काकोरी, अम्लाइयो का शहर मलिहाबाद, चिनहट, गोसाईगंज और इटौंजा है। लखनऊ के पूर्व दिशा में बाराबंकी जिला पड़ता है।

पश्चिमी दिशा में उन्नाव, तथा दक्षिणी दिशा में रायबरेली जिला है। जबकि लखनऊ के उत्तरी दिशा में हरदोई और सीतापुर के जिले पड़ते है। यहाँ की मुख्य नदी का नाम गोमती नदी है जो लखनऊ के मध्य से होकर जाती है और लखनऊ को सीस गोमती तथा ट्रांस गोमती के क्षेत्रों में विभाजित करती है।

यहाँ की जलवायु गर्म अर्ध-उष्णकटिबन्धीय जलवायु है। जिसका अर्थ है की उत्तर में कर्क रेखा और दक्षिण में मकर रेखा के मध्य भूमध्य रेखा के आसपास स्थित है यह। जिसकी वजह से यहाँ मुख्य रूप से 3 ऋतुवे पायी जाती है जो की गर्मी , सर्दी और बरसात है।

यहाँ गर्मी की शुरुवात मार्च से लेकर जून तक होती है। जबकि सर्दी की शुरुवात अक्टूबर से लेकर जनवरी या फ़रवरी तक होता है। जबकि उतर प्रदेश में जून के लास्ट महीने से लेकर अगस्त सितम्बर तक वर्षा का समय रहता है। यहाँ की अधिकांश वर्षाये दक्षिण – पश्चिमी मानसून हवाओं से होती है।

यहाँ शीतकाल में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के लगभग रहता है। जबकि ग्रीष्म ऋतू का तापमान 40 से 45 डिग्री तक चला जाता है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी (Lucknow) में पर्यटन स्थल

पर्यटन की बात करे तो इस शहर के आसपास कई ऐतिहासिक स्थल है। यहाँ कई सारे छोटे बड़े इमामबाड़े है जिनमे बड़ा इमामबाड़ा बहुत ही प्रसिद्द है। यह इमामबाड़ा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत ही महत्त्व रखता है। इस इमामबाड़े का निर्माण आसफउद्दौला ने सन १७८४ में करवाया था।

इस इमामबाड़े को अकाल राहत परियोजना के अंतर्गत बनाया गया था। इसके गुम्बदनुमा हाल की लम्बाई 50 मीटर तथा उचाई 15 मीटर है। यहाँ एक भूल भुलैया ईमारत भी है जिसे देखने के लिए यहाँ बहुत से पर्यटक आते है। इसके अलावा यहाँ एक छोटा इमामबाड़ा भी है जिसका असली नाम हुसैनाबाद इमामबाड़ा है और इसका निर्माण मुहम्मद अली शाह ने 1837 ई, में करवाया था।

इसके अलावा यहाँ पर रूमी दरवाज़ा, जामी मस्जिद, मोती महल, घंटा घर, बनारसी बाग़, कुकरैल फारेस्ट और भी बहुत सारे देखने योग्य जगह है। क्या आप जानते है की लखनऊ का घंटा घर भारत का सबसे ऊँचा घंटाघर है। यहाँ एक तारामंडल है जिसका नाम इंदिरा गाँधी तारामंडल है। लखनऊ शहर से 90-91 किलोमीटर की दुरी पर एक तीर्थस्थल है जिसका नाम नैमिषारण्य है। इसका जिक्र पुराणों में भी मिलता है।

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