GDS Ka Full Form जीडीएस क्या है और इसकी तैयारी कैसे करें

GDS Ka Full Form – अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता रहता है कि GDS Ka Full Form क्या है और आखिर जीडीएस क्या होता है तो आज के इस लेख में हम आपको जीडीएस क्या है और जीडीएस के फुल फॉर्म से संबंधित और कई सारी जानकारियों को देने वाले हैं।

GDS Kya Hai | GDS ka full form in hindi

GDS का पूरा नाम ” Gramin Dak Sevak ग्रामीण डाक सेवक ” होता है और यह भारत सरकार के लिए पोस्ट ऑफिस में काम करते हैं। यदि किसी व्यक्ति को कहीं से भी कुछ पत्र या कुछ कागजात पोस्ट ऑफिस के माध्यम से भेजा जाता है तो ग्रामीण डाक सेवक का ही काम होता है कि उन पत्र को उस व्यक्ति के पास जाए जिसके लिए वह डॉक्यूमेंट भेजा गया है।

इसके अलावा यदि सरकार के तरफ से कोई फार्म भरवाने का नोटिस आता है तो जीडीएस के द्वारा ही उस फार्म को भरवाया जाता है। इस प्रकार से हम देखे तो GDS का मुख्य काम पोस्ट ऑफिस में आए सभी डॉक्यूमेंट को सही व्यक्ति के पास बाटना होता है।

Also Read: KGF ka full form kya hai

GDS की वेबसाइट पर यहाँ से जाएँ – India Post Gds Online.

GDS की तैयारी कैसे करे

  • Gramin Dak Sevak बनने के लिए आपको 10 वीं पास होना जरूरी है।
  • इसमें आपको तैयारी कुछ नहीं करनी होती है।
  • अगर आप दसवीं पास है तो आपको सरकार के तरफ से आने वाले ग्रामीण डाक सेवक बनने का नोटिफिकेशन के लिए इंतजार करना पड़ेगा
  • जिसके बात अगर आपके अच्छे परसेंटेज आए हैं तो आप आसानी से ग्रामीण डाक सेवा के रूप में नियुक्त हो जाते हैं।

GDS की सैलरी कितनी होती है।

अगर आप भी पोस्ट ऑफिस में ग्रामीण डाक सेवक के रूप में काम करना चाहते हैं और सोच रहे हैं कि आखिर आप को इस पद पर काम करते समय कितनी सैलरी मिलेगी तो आपकी जानकारी के लिए बता दें।

अगर आप ग्रामीण डाक सेवा के पद पर अगर डाक में काम करते हैं तो आपको महीने के आराम से ₹20000 से अधिक मिल जाते हैं और सबसे बढ़िया बात यह है कि इसमें आपको अधिक काम भी नहीं करना पड़ता है।

GDS की भर्ती कब होगी

Gramin Dak Sevak के पदों के लिए भर्ती समय समय पर आती रहती हैं। ऐसे मैं अगर आप ग्रामीण डाक सेवक के रूप में पोस्ट ऑफिस में काम करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले सरकार के तरफ से आने वाले डाक सेवक के पदों का भर्ती के लिए इंतजार करना होगा।

जिसके बाद आपको सरकार के तरफ से Gramin Dak Sevak के पदों के लिए भर्ती करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। यह लगभग 3 से 6 महीने में हमेशा आते रहते हैं। भर्ती के लिए सूचना आने के बाद आप अपने दसवीं के मार्कशीट का इस्तेमाल करके इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिसके बाद एक मेरिट बनता है ध्यान देने वाली बात यह है कि या मेरिट परसेंटेज के आधार पर बनता है मतलब जिस व्यक्ति का सबसे ज्यादा परसेंटेज आया होगा उन्हें सबसे टॉप पर लिस्ट पर रखा जाएगा और फिर उनसे कम परसेंट एज वालों को उससे नीचे रखा जाता है।

इस हिसाब से देखें तो यदि आपके दसवीं में अच्छे मार्क्स आए हैं तो आप जरूर ग्रामीण डाक सेवक बन सकते हैं।

GDS का Exam कैसे होता है।

सबसे पहले आपको बता दूं कि अगर आप ग्रामीण डाक सेवक के पद के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आपको किसी भी प्रकार का एग्जाम नहीं देना होता है।

इसमें आप के दसवीं के परसेंटेज के आधार पर मेरिट बना कर दिया जाता है यदि आप उस मेरिट में आते हैं तो आपका सिलेक्शन ग्रामीण डाक सेवक के रूप में पोस्ट ऑफिस में कर दिया जाता है।

अगर आप Merit मे आए हैं तो आपको जल्द ही एक लेटर भेजा जाता है इसमें आपको नौकरी के बारे में जानकारी दी जाती है।

GDS के लिए कितने Percentage आना चाहिए।

एक GDS यानी Gramin Dak Sevak बनने के लिए आपको कोई मिनिमम परसेंटेज नहीं रखा गया है लेकिन आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना है कि ग्रामीण डाक सेवक के लिए मेरिट परसेंटेज के आधार पर ही बनता है।

इसलिए यदि आप दसवीं से पहले ग्रामीण डाक सेवक बनने के बारे में सोच रहे हैं तो प्रयास यह करें कि आपके दसवीं में अच्छे से अच्छे मार्क्स आ सके ताकि आपको ग्रामीण डाक सेवक बनने में कोई समस्या ना हो।

लेकिन यदि आपने 10वीं पास कर लिया है फिर भी आपको इसके लिए आवेदन करना चाहिए क्योंकि ऐसा हो सकता है कि आपका सिलेक्शन ग्रामीण डाक सेवक के रूप में हो जाए।

फिर भी अगर हम Average Percentage को देखें तो आपको कम से कम 75% तो लाना ही चाहिए तभी आपका ग्रामीण डाक सेवक के मेरिट में आने का कुछ संभावना होता है।

निष्कर्ष

आशा करते हैं कि आपको GDS का Full Form अच्छे समझ में आ गया होगा और आपको हमने ग्रामीण डाक सेवक से संबंधित कई सारे जानकारियां को भी दिए हैं लेकिन अगर फिर भी आप किसी प्रश्न का जवाब जानना चाहते हैं जिसे मैंने इस लेख में नहीं बताया तो आप हमें कमेंट में बता सकते हैं।

इसके अलावा आप इसे अपने दोस्त और रिश्तेदारों में शेयर कर सकते हैं। जिससे उन्हें भी पता चल सके कि आखिर ग्रामीण डाक सेवक क्या होता है और आखिर वह ग्रामीण डाक सेवक कैसे बन सकते हैं।

ये भी पढ़ें

Sarkari Job For 12th Pass 12वीं के बाद सरकारी नौकरी

Sharing Is Caring:

अनिकेत सिन्हा एक Internet Entrepreneur हैं। वो Ajanabha और Famenest Social Media Site के फाउंडर हैं।

Leave a Comment