Afghanistan Ki Rajdhani – Capital of Afghanistan

इस आर्टिकल में आप जानेंगे की afghanistan ki rajdhani कहाँ है। साथ ही साथ आप ये भी जानेंगे की afghanistan ki rajdhani में ख़ास क्या है। तो चलिए इस आर्टिकल को शुरू करते हैं और जानते हैं कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जिसे जानने के बाद आपका ज्ञान कई गुना बढ़ जायेगा।

Afghanistan

अफगानिस्तान दक्षिण एशिया का एक देश है। अफगानिस्तान की सीमाएं पूर्व में पाकिस्तान से, उत्तर पूर्व में भारत और चीन से, उत्तर में ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान से और पश्चिम में ईरान से मिलती है। अफगानिस्तान एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जो मध्य एशिया और पश्चिम एशिया को भारत के उपमहाद्वीप से जोड़ने का कार्य करता है। अफ़ग़ानिस्तान में मानव इतिहास १०,००० साल से भी ज़्यादा पुराना है। यहाँ सबसे पहले ईसा के १८०० साल आर्यों का आगमन हुआ था।

अफगानिस्तान में कुशान गजनबी मोहम्मद गौरी हाफ क्लिट समाने मुगल दुर्रानी जैसे कई प्रमुख साम्राजियों का शासन रहा है पहले अफगानिस्तान फारस तथा शक साम्राज्य का हिस्सा रह चुका है अफगानिस्तान हमेशा से आक्रमणकारियों सम्राट दो की धरती रहा है यहां पर सिकंदर मोहम्मद गौरी नादिर शाह बाबर और सिख साम्राज्य ने शासन किया अंग्रेजों के शासन काल में यहां पर ब्रिटिश सेना ने भी आक्रमण किया था।

अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों में काबुल कंधार का नाम सबसे ऊपर आता है। कंधार का प्राचीन नाम गंधार प्रदेश था यह महाभारत के समय में राजा शकुनि का गंधार प्रदेश कहलाता था। अफगानिस्तान में कई प्रकार की जातियां निवास करती हैं। इनमें पठान और अफ़गानों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके अलावा अफगानिस्तान में उज्बेक, तुर्कमैन, हजारा और ताजिक नस्लें निवास करती हैं। अफगानिस्तान में पश्तो भाषा बोली जाती है।

Afghanistan Population and Area

अफगानिस्तान का क्षेत्रफल 652,864 वर्ग किलोमीटर है। यहाँ की जनसंख्यां 2020 में आकलन के मुताबिक 31,390,200 थी।

Afghanistan Ki Rajdhani

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल है। काबुल अफगानिस्तान की राजधानी और इस देश का सबसे बड़ा शहर है, जो अफगानिस्तान देश के पूर्वी भाग में स्थित है। काबुल का क्षेत्रफल 1,028 वर्ग किलोमीटर है। काबुल हिन्दूकुश पहाड़ियों की घाटियों में बसा शहर है जिसकी उचाई 5,873 फ़ीट है। ये शहर 3000 सालों से भी ज़्यादा पुराना है और यहाँ कई साम्राज्यों का उत्थान और पतन होता आया है। काबुल के बाग़ बगीचे, बाज़ार और महल काफी प्रसिद्ध हैं। काबुल की मुद्रा अफ़ग़ान अफगानी है जो की पहले अफ़ग़ान रुपया था लेकिन इसे 1925 में बदल दिया गया।

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